आत्मनिर्भर भारत स्वतंत्र भारत (हिंदी)


 


जैसा कि हम सब जानते ही हैं कि आजकल हमारा देश कई सारी विपदाओं से घिरा हुआ है उनमें से कुछ है:-

 बाढ़ की समस्या

 देश में बढ़ती बेरोजगारी

भूस्खलन

और सबसे बड़ी समस्या है:-

 कोरोनावायरस

इन सब परेशानियों के कारणवश ही हमारी अर्थव्यवस्था पर भी काफी प्रभाव पड़ा है इन्हीं प्रभावों को दूर करने के लिएहमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत योजना का ऐलान किया।

आत्मनिर्भर भारत यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया एक अभियान है जिसमें यह उद्देश्य बनाया गया है कि हमारे देश के सभी युवक और अन्य नागरिक आत्मनिर्भर रहें किसी को भी रोजगार के लिए भटकना ना पड़े और उसकी जीविका सुचारू रूप से चल सके। इस अभियान की सफलता हमारे भारत देश को स्वतंत्र भारत बना सकती हैं जो हमारे देश की प्रगति में एक महत्वपूर्ण और अहम भूमिका निभाएगी। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत लगभग 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज उन देश सेवकों और ईमानदार किसानों के लिए है जो जरूरतमंद है।आपदा को अवसर में बदलने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज दिनांक 12 मई 2020 को राष्ट्र को संबोधित करते हुए एक राहत पैकेज, आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है कोविड-19 महामारी संकट से लड़ने में आत्मनिर्भर भारत अभियान (Aatm Nirbhar Yojana)  निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और एक आधुनिक भारत की पहचान बनेगा | पीएम मोदी राहत पैकेज जोकि आत्मनिर्भर भारत अभियान है के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए जो देश की जीडीपी का लगभग 10% है घोषित किया है |

इस अभियान से ना ही हमारी अर्थव्यवस्था सुधरेगी बल्कि इससे हमें दूसरे देशों पर छोटे-मोटे सामानों के आयात पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ेगा। 

जैसा कि हमें पता ही है कि हम पिछले कई सालों से छोटी छोटी चीजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहे हैं उनमें से एक देश है चीन। बीते कुछ दिनों में हमने देखा कि चीन ने हमारी बेबसी को देख हमारे देश की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की लेकिन फिर भी हमने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दीया और अपनी मातृभूमि पर एक आंच ना आने दी।

मेरे हिसाब से आत्मनिर्भर भारत एक बहुत अच्छी योजना है जिससे हमारा देश मजबूत और आगे आने वाली विपदाओं के लिए तैयार रहेगा।

सरकार ने "अत्मा निर्भार भारत अभियान" की घोषणा की ताकि अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को मांग से आपूर्ति, विनिर्माण तक पहुंचाया जा सके और भविष्य में किसी भी ब्लैक स्वान इवेंट को बनाए रखने और निपटने के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

पैकेज को चार चरणों में विभाजित किया गया है, जहां प्रत्येक किश्त का अपना फोकस क्षेत्र है।

पैकेज का स्कोर एमएसएमई और कृषि और इसकी संबद्ध गतिविधियों पर केंद्रित है।

हालांकि, पैकेज कॉर्पोरेट के बीच आशावाद और विश्वास लाने में विफल रहता है क्योंकि यह अप्रत्यक्ष लाभों पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें ऋण अव्यवस्था पर एक प्रमुख ध्यान केंद्रित किया गया है।

यह कॉरपोरेट के लाभ के लिए होता अगर सरकार नकद सहायता और जीएसटी भुगतान में कमी या कटौती जैसे प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करती।

इससे उत्पादों की कीमतों को कम करने में मदद मिली, जिससे उच्च मांग को बढ़ावा मिला


COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए दुनिया के सबसे बड़े लॉकडाउन ने घरेलू आर्थिक गतिविधियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है क्योंकि यह लगभग 70% आर्थिक गतिविधि, निवेश, निर्यात और विवेकाधीन खपत को गतिरोध में ले आया है। 

अंत में मैं यह कहना चाहूंगा किसेवा का न अवसर खोना है। किसी का न नौकर होना है। ऐ भारत तुझको आत्मनिर्भर होना है। ऐ भारत तुझको आत्मनिर्भर होना है।

 धन्यवाद

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